थायराइड - थायराइड की समस्या आज कल आम हो गई है जो की महिलाओ में ज्यादा देखने को मिल रही है थायराइड एक छोटी सी तितली के आकर की ग्रंथि होती है जो आपकी गर्दन के आगे वाले हिस्से में स्थित होती है
हम आज के इस ब्लॉग में थायराइड ग्रंथि के लक्षण कारण और प्रकार के बारे में न जान कर उपचार के बारे में जानेगे क्योंकि आज की इस भागती दौड़ती दुनिया में लोगो को सिर्फ उपचार चाहिए उसके लक्षण कारण से उन्हें कोई मतलब ही नहीं है तो चलिए हम जानते है थायराइड के कुछ आसान से उपचार
योग के द्वारा थायराइड का उपचार -
थायराइड के लिए बह आसन किये जा सकते है जो की गले पर प्रभाव डालते हो. इसके लिए प्रमुख आसन निम्न है। सर्वांगासन , मत्स्यासन , मार्जरी आसन ,उष्ट्रासन , हलासन
प्राणायाम - थायराइड के रोगी के लिए उज्जाई प्राणायाम बहुत ही लाभकारी है
नोट - योग आसन एवं प्राणायाम को योग प्रशिक्षक की देखरेख में करे
थायराइड के लिए घरेलु नुस्खे - * पांच चम्मच सूखा साबुत धनिया को १ गिलास पानी में तब तक उबाले जब तक की बो आधा न रह जाये आधा रह जाने पर उसे सुबह शाम पिए लाभकारी होगा.
थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार -
*५० ग्राम त्रिकटु चूर्ण , २० ग्राम बहेड़ा , १० ग्राम प्रवाल पिष्टी मिलाकर रख लें एक एक ग्राम मात्रा में सुबह शाम खाली पेट शहद या गुनगुने पानी के साथ सेवन करे
कांचनार गुग्गल सुबह शाम खाने के बाद लेने से फायदा मिलता है
* हाइपो थायराइड के लिए अश्वगन्धा चूर्ण भी बेहद लाभकारी है
*हरड़ का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से लाभ मिलेगा
थायराइड के लिए सुजोक थेरेपी -
सुजोक थेरेपी भी थायराइड के लिए बहुत उपयोगी है इसके लिए आपको हाथ के अंगूठे पर गले बाले भाग पर जिमी से दबाना है उसके बाद उस पर मुंग के दाने को चिपकाके रखना है जिससे लाभ प्राप्त होगा.
अधिक जानकारी के लिए आप कमेंट कर सकते है या 09754089991 पर व्हाट्सअप कर सकते है
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